खरगोन में देवकीनंदन ठाकुर जी की राम कथा का शुभारंभ

देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में खरगोन में श्री राम कथा का प्रथम दिवस अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ प्रारंभ हुआ। कथा का आयोजन मंदिर ग्राउंड, अखिलेश्वर धाम, ग्राम ओखला में किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हो रहे हैं।

पहलगाम हमले को याद कर व्यक्त की संवेदना

कथा के दौरान महाराज श्री ने पहलगाम हमले के एक वर्ष पूर्ण होने पर उस दुखद घटना को स्मरण करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या मानवता को झकझोर देने वाली घटना थी। उन्होंने यह भी कहा कि आतंक और हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं हैं, बल्कि यह केवल पीड़ा और विनाश को जन्म देते हैं।

परिवार का आदर्श उदाहरण है श्री राम का जीवन

भगवान श्री राम के जीवन को आदर्श बताते हुए महाराज श्री ने कहा कि परिवार केवल रिश्तों का समूह नहीं होता, बल्कि त्याग, प्रेम, सम्मान और मर्यादा का संगम होता है।
श्री राम ने अपने जीवन में हर रिश्ते को पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा से निभाया, जिससे समाज में संतुलन बना रहा।

तिलक, कलावा और कांठी का महत्व

महाराज श्री ने सनातन धर्म के प्रतीकों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर सनातनी के माथे पर तिलक, हाथ में कलावा और गले में कांठी होना आवश्यक है।
यह हमारे धर्म, कर्तव्य और भगवान से जुड़े रहने का प्रतीक है।

बच्चों को कथा में लाने का संदेश

उन्होंने कहा कि बच्चों को कथा में अवश्य लाना चाहिए, क्योंकि यही वह स्थान है जहाँ उनके संस्कारों का निर्माण होता है।
आज के समय में मोबाइल और टीवी से दूर रहकर बच्चों को आध्यात्मिक वातावरण देना बेहद आवश्यक है।

भक्ति से ही मिलती है सच्ची शांति

महाराज श्री ने कहा कि आज लोग भजन और सत्संग से दूर होते जा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें सच्ची खुशी नहीं मिल पा रही है।
सच्ची शांति केवल भगवान के स्मरण और अच्छे कर्मों में ही मिलती है।

धर्म के प्रचार में आ रही कमी चिंता का विषय

उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज में नकारात्मक और गलत विषय तेजी से वायरल हो रहे हैं, जबकि धर्म और संस्कारों की बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
यह नई पीढ़ी के लिए सही दिशा में बाधा बन सकता है

 

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