यदि बच्चों की दिनचर्या नियम और अनुशासन के साथ बनाई जाए, तो जीवन में सफलता निश्चित रूप से मिलती है। सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सही समय, सही आदत और संस्कारों से प्राप्त होती है। प्रातःकाल ब्राह्म मुहूर्त में उठना अत्यंत शुभ माना गया है। बच्चों को न तो देर से उठना चाहिए और न ही देर रात तक जागना चाहिए। सुबह उठकर सबसे पहले सूर्यदेव को जल अर्पित करें, भगवान का नाम स्मरण करें और दिन की शुरुआत सकारात्मक भाव से करें।
जो शिष्य गुरु द्वारा प्रदत्त मंत्र का जाप पूर्ण श्रद्धा, नियम और अनुशासन के साथ करते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से सही दिशा में आगे बढ़ता है। मंत्र जाप केवल शब्दों का उच्चारण नहीं है, बल्कि यह गुरु कृपा से जुड़ने का साधन है। जब शिष्य नियमावली के अनुसार—शुद्ध आचरण, संयमित जीवन, ब्रह्मचर्य, सात्त्विक आहार और निश्चित समय पर—लगातार गुरु मंत्र का जाप करते हैं और यदि वे तीन करोड़ मंत्र जाप पूर्ण कर लेते हैं, तो उनका जीवन सार्थक और सफल हो जाता है।
सभी सनातनियों को एकादशी का व्रत अवश्य रखना चाहिए। एकादशी के दिन भगवान विष्णु एवं श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन अन्न त्याग कर, नाम-स्मरण, भजन, कथा और जप करने से पापों का क्षय होता है और पुण्य की वृद्धि होती है। एकादशी का व्रत करने से बुद्धि निर्मल होती है, इच्छाएँ संयमित होती हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है।
श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन
दिनांक: 3 से 9 जनवरी 2026
समय: दोपहर 2 :30 बजे से
प्रिंसेस श्राईन पैलेस ग्राउंड ,गेट न.9, बैंगलोर