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Shrimad Bhagwat Katha - Mumbai (MH)

Program Shedule

" भगवान की भक्ति से ही मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते है "

परम पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में सास्काटून, कनाडा में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस में श्रीमद भागवत कथा के महत्त्व का वर्णन भक्तों को श्रवण कराया। महाराज श्री ने कथा प्रारम्भ करते हुए कहा कि आज आप सभी को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनायें। मैं भगवान से कामना करता हूँ कि आप सभी इसी तरह से सुखी और समृद्ध बने रहे और जो कुछ भी भगवान आपको दे उसके साथ आप सदा ही भगवान की भक्ति करते रहे। गरीब हो, अमीर हो, फकीर हो, मिडिल क्लास हो, लेकिन भक्ति आपके साथ जुडी रहे तो आप हो जाते है वर्ल्ड क्लास। आप वर्ल्ड क्लास बनेंगे तभी जब आपके साथ भक्ति जुडी होगी। भक्ति के बिना हमारा कोई भी काम नहीं बनेगा। इसलिए हर व्यक्ति को अपने - अपने प्रभु की भक्ति में सदा ही लगे रहना चाहिए। उनकी भक्ति करने से ही हमारे सभी पाप आसानी से मिट जाते है। इसके बाद महाराज श्री ने "मेरी भई श्याम संग प्रीत दुनिया क्या जाने" भजन भक्तों को श्रवण कराया। तब महाराज श्री ने कथा को शुरू करने से पहले भारत या विदेश में मौजूद अपने सभी भक्तों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये दी। महाराज श्री ने बताया कि आपने देखा होगा कि दीपावली वाले दिन श्री गणेश जी और माँ लक्ष्मी जी की पूजा होती है। दीपावली से जुडी हुई कुछ विशेष बातें महाराज श्री ने भक्तों को बताई। दीपावली वाले दिन आपने देखा होगा कि हमलोग अपने घरों को अच्छी तरह से साफ करते है और सजाते है। इस दिन लोग घरों पर घी के दीपक जलाते है। ऐसा हम लोग क्योँ करते है, इसके पीछे एक कथा आती है। आज के दिन ही माँ लक्ष्मी जी पृथ्वी पर भ्रमण करने के लिए आती है। और जिस व्यक्ति का घर माँ को साफ, सूंदर, पवित्र, अच्छा दीखता है तो वो वहीँ पर ही सदा के लिए रुक जाती है। जिस घर में सफाई, शुद्धता, पवित्रता, रोशनी नहीं होती है तो वहां से लक्ष्मी जी सदा के लिए चली जाती है। एक बात ये भी मानते है कि माँ लक्ष्मी जी का ही स्वरुप माता सीता जी थी, तो उनके अयोध्या आने की ख़ुशी में भी यह पर्व मनाया जाता है। लेकिन यहाँ पर प्रश्न ये उठता है की गणेश जी की पूजा माँ लक्ष्मी जी के साथ क्योँ होती है? यह जानना हम सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। एक व्यक्ति था और वह काफी निर्धन था। वह व्यक्ति चाहता था कि मैं एक धनवान व्यक्ति बन जाऊं। मुझे भी राज सुख प्राप्त हो और मेरे भी दूसरों की तरह ही ठाठ बाट हो। तब उसने इसके लिए माँ लक्ष्मी जी की पूजा की। तब पूजा करने से माँ लक्ष्मी जी प्रश्न होकर बोली कि मैं तुम्हारी तपस्या से बहुत ही प्रसन्न हूँ। तुमको मुझसे जो वरदान मांगना है तुम मांग लो। तब उस व्यक्ति ने कहा कि माँ मैं राज सुख पाना चाहता हूँ। अभी मेरे पास कुछ भी नहीं है पर मैं चाहता हूँ कि मुझे भी राज सुख मिले। तब माँ लक्ष्मी जी ने तथास्तु कहा और राज सुख का वरदान उसको दे दिया। लक्ष्मी जी से वरदान पाने के बाद वह व्यक्ति एक राजा के दरबार में गया और वहां पर पहुँच कर उसने बिना कुछ भी कहे ही उस राजा के सिर पर रखा हुआ मुकुट गिरा दिया। इसको देखकर वहां पर मौजूद सभी प्रजा और खुद राजा भी काफी क्रोधित हो गया। उसी समय एक और दृश्य देखते है कि उस मुकुट में से एक सांप निकल कर जा रहा है। तो इसको देखकर तो सभी लोग काफी प्रसन्न हुए कि इसने तो हमारे महाराज जी के जीवन की इस सांप से रक्षा की है। इस सब को देखकर तो वह राजा भी उससे काफी खुश हुआ कि आपने तो इस सांप से मेरे जीवन की रक्षा की है। इसलिए हम तुमको कुछ देना चाहते है, क्या तुम हमारा मंत्री बनना चाहते है। तब राजा ने अपने राज्य का सबसे बड़ा मंत्री उसको बना दिया। तो इस तरह से वह व्यक्ति राज सुख को भोगने लगा। सारी सुख-सुविधाएं उसको मिलने लगी और बड़े ही मजे में वह जीवन बिताने लगा। कुछ दिन बाद इसी तरह ही महल के राज दरबार में भोजन प्रसाद का काम चल रहा था तो उसी व्यक्ति ने वहां पर आकर कहा कि तुरंत हमको इस महल को खाली करना है। तो वहां पर मौजूद सभी लोग डरके मारे वहां से भागने लगे। जैसे ही सभी ने घबराहट में उस महल को खाली किया तो उसी समय वह महल धड़ाम से पूरा गिर गया। तो इस तरह से ही सभी लोग उस व्यक्ति को और भी मानने लगे और उसकी जय जय कार करने लगे। उसकी काफी प्रशंसा करने लगे। इस सब को देखकर वो सभी लोग कहने लगे कि ये वयक्ति तो त्रिकाल दर्शी है। यह तो भविष्य को जाने वाला है। इस तरह से उस व्यक्ति का राजा के महल में और भी ज्यादा सम्मान होने लगा था। इस तरह से उस व्यक्ति का कुछ ज्यादा ही आदर होने लगा। वो जो कह देता वही होने लगा था। अब इस तरह से उस व्यक्ति को भी काफी अभिमान होने लगा कि इस राज्य में जो वो चाहेगा वही होगा। तो एक दिन उसने देखा कि राजा के महल के सामने गणेश जी की मूर्ति रखी थी। तो उस व्यक्ति ने कहा कि ये जो गणेश जी की मूर्ति है न ये इस महल की शोभा को नष्ट कर रही है। तो इस गणेश जी की मूर्ति को यहाँ से हटा दो और वहां से गणेश जी की मूर्ति को हटा दिया गया। जब मूर्ति वहां से हट गयी तो कुछ दिन बाद की बात है। राजा अपनी सभा में बैठे थे। तो राजा से कहा कि अपने तन का ये वस्त्र उतार दो इसमें सांप है। तो राजा ने पूरी सभा के सामने अपना वो वस्त्र उतार दिया। लेकिन अबकी बार तो उसमें सांप ही नहीं था। जब उसमें से सांप नहीं निकला और वो भी पूरी सभा के सामने तो इस बात को लेकर राजा को काफी गुस्सा आया और तुरंत ही उसके मंत्री पद को छीन लिया गया। उसको कारागार में डाल दिया गया। अब उस व्यक्ति को ये बात नहीं मालूम हो रहा है कि मुझसे गलती कहाँ पर हुई है? तो कारागार में बैठा - बैठा वो व्यक्ति माँ लक्ष्मी जी का पूजन करने लगा कि माँ मुझसे क्या गलती हुई है। तन माँ सपने में आकर उससे बोली कि तुमने जो गणेश जी की मूर्ति का अपमान किया है वही तुम्हारा सबसे बड़ा अपराध है। जीवनभर याद रखिये की यदि आपको लक्ष्मी की प्राप्ति हो जाये और आपमें गणेश जी की बुद्धि न हो तो तुम्हारा कभी भी भला नहीं हो सकता है। तुम्हारा विनाश होने ही वाला है। तुमको याद रखना चाहिए कि गणेश जी बुद्धि के देवता है। अगर मेरे पास दौलत हो और मुझे उस दौलत का सदुपयोग करना न आये तो मैं स्वर्ग की जगह ही नर्क में ही जाने वाला हूँ। उसी धन को आप लोग बर्बादी के लिए लगाते है और उसी धन को हम लोग आबादी के लिए लगाते है। सभी विघ्नो को दूर करने वाले श्री गणेश जी ही हमको बुद्धि देते है। यहाँ पर महाराज श्री ने हमें बहुत ही जरुरु बात बताई कि धनवान होना बहुत बड़ी बात नहीं है लेकिन उस धनवान के साथ ही बुद्धिमान होना बहुत ही बड़ी बात है। ।। राधे राधे बोलना पड़ेगा ।।

अब आपको रोज नित्य सुबह प्रियकांत जू भगवान का संदेश मिलेगा आपके फोन पर।

आपकी हर सुबह सूहानी हो। आपका हर दिन शुभ हो।। अब आपको रोज नित्य सुबह प्रियकांत जू भगवान का संदेश मिलेगा आपके फोन पर। जिसे स्वयं पूज्य महाराज श्री भेजेंगे आपको पूज्य श्री महाराज का सन्देश प्राप्त करने के लिए आप ये नंबर सेव कर लिजिए और आपको सन्देश प्राप्त हो उसके लिए आप अपना नंबर, नाम, शहर का पता, ईमेल आईडी सहित भेज दीजिये।

श्री प्रियाकांतजू भगवान जी की संध्या आरती के लाइव दर्शन करें

जिनके दर्शन मात्र से हो जाता है सभी दुखों का नाश, मिट जाते है सभी कष्ट, ऐसे हैं भगवान श्री प्रियाकांतजू। अपने नेत्रों से हृदय में उतारें कष्ट हरने वाले श्री प्रियाकांतजू भगवान जी की संध्या आरती के लाइव दर्शन करें, आप सभी भक्त प्रियाकांतजू भगवान के दर्शन फेसबुक के पेज पर देख सकते है। यह आप आज से यानि 9.4.2016 से शाम को 7:30 बजे देख सकते है।

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