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Shrimad Bhagwat Katha - Mumbai (MH)

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"भगवान की भक्ति करने से मनुष्य के सभी पाप मिट जाते है"

"भगवान की भक्ति करने से मनुष्य के सभी पाप मिट जाते है" परम पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में सास्काटून, कनाडा में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस में श्रीमद भागवत कथा के महत्त्व का वर्णन भक्तों को श्रवण कराया। महाराज श्री ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में भगवान की भक्ति जरूर ही करनी चाहिए। क्योँकि भक्ति से ही मनुष्य का जीवन सदा के लिए सुधर सकता है। उसके सभी पाप धुल जाते है। जो खेल बीत गया है उसको याद मत करो। अब जो बचा है हम और तुम उसका सदुपयोग कर ले तो हमारे और तुम्हारे जीवन का सदुपयोग हो सकता है। राजा परीक्षित ने जब सुखदेव महाराज पधारे तो उनको प्रणाम करके उनसे एक प्रश्न किया। कृपा करके आप मुझे ये बताइए कि जिस व्यक्ति के पास केवल सात दिन है तो उसको इन दिनों में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। इस प्रश्न को सुनकर सुखदेव महाराज जी बहुत ही प्रसन्न हुए क्योँकि सुखदेव महाराज जी से जो प्रश्न किया गया है वह जान कल्याण के लिए किया गया है। राजा परीक्षित ने ये नहीं कहा है कि मुझे श्राप लगा है और मैं सातवें दिन मरूंगा। राजा परीक्षित ने कहा जो सातवें दिन मरे उसका क्या। क्योंकि कुछ चीजों को भगवान अपने हाथ में ही रखता है। व्यक्ति कब जन्म लेगा कब मरेगा ,कब यश मिलेगा और कब अपयश ,कब लाभ होगा और कब हानि ,इन छह चीजों को भगवान् अपने हाथ में रखता है ,ये हम सब के हाथ में नहीं होता है। अगर यश ही यश होता हम सब के चाहने से तो कोई भी अपना अपयश नहीं चाहता। लाभ ही लाभ अगर हमको हमारी मर्जी से होता तो कौन चाहता है कि मेरी हानि हो जाये। अगर जन्म ही जन्म हमारी मर्जी से हो जाये तो कौन चाहता है कि हमारे यहाँ पर कोई भी मर जाए। इन छह चीजों को भगवान् ने अपने हाथ में रखा हुआ है इन पर हम सब का कोई भी अधिकार नहीं होता है। तो एक न एक दिन हम सब को मरना ही होता है। हम सब इसको संभाल कर नहीं रख सकते है। तो प्रश्न भी इसी के लिए ही होना चाहिए। लेकिन आज तक हमने मृत्यु को लेकर कोई भी प्रश्न नहीं किया है किसी से भी। जब भी हमने कोई भी प्रश्न किया है जीवन के विषय में किया है। मतलब हम झूठ के विषय में तो प्रश्न करते है लेकिन उस सत्य के बारे में प्रश्न नहीं करते है। तब महाराज श्री ने एक शेर के द्वारा हमको उस सत्य के बारे में बताया जो इस प्रकार है "जिंदगी तो बेवफा है एक दिन ठुकराएगी, मौत महबूबा है तेरी साथ लेकर जाएगी".यहाँ पर बेवफा उसे कहते है जो साथ नहीं देती है। लेकिन सब लोगों को यहाँ पर एक बफादार साथी ही चाहिए होता है। यहाँ पर हम बात कर रहे है जिंदगी के बारे में जिससे हम सबसे ज्यादा प्यार करते है। यहाँ पर महाराज श्री ने कहा कि मोहब्बत तन से है ,पैसे से है या जीवन से है। तभी तो महाराज श्री ने कहा कि प्यार उससे करों जो जिंदगी भर साथ निभाए ,उससे मत करों जो जिंदगी के बीच में ही धोखा दे दे। यहाँ पर हम मृत्यु और जीवन के बारे में बात कर रहे है। जीवन तो एक छलावा है ये तो बीच में ही धोखा दे जाता है लेकिन मृत्यु तो परम सत्य है उसको ही हम नहीं सुधारते है। उसे हम भूल जाना चाहते है। हमको उसको भूलना नहीं चाहिए। अगर हम उसको याद रखेंगे तो कभी भी जिंदगी में हमसे पाप नहीं होंगे। हमें हमेशा ये याद रखना है कि हमारी मृत्यु तो सत्य है और उसको आने से पहले हमको कुछ अच्छा अपनी जिंदगी में करना है। और जो ये श्रीमद भागवत कथा है ये हमारी इस मृत्यु को सुधारती है। जब राजा परीक्षित ने सुखदेव महाराज जी से प्रश्न किया की जिस व्यक्ति की मृत्यु सातवे दिन है तो उसको क्या करना चाहिए। तो इस प्रश्न को सुनकर सुखदेव महाराज जी ने कहा कि उस व्यक्ति को श्रीमद भागवत कथा सुननी चाहिए। हमारे सनातन धर्म में दो ग्रन्थ बहुत ही महत्वपूर्ण है एक रामायण और एक भागवत। रामायण हम सब को जीना सिखाती है कि हमको कैसे जीना चाहिए। और भागवत हमको मरना सिखाती है कि हमको मरना कैसे चाहिए। जीवन जीना आ गया तो भी मृत्यु सुधर जाएगी। मृत्यु अंतिम समय में भी सुधर जाए तो भी हमारे आगे का जीवन सुधर जायेगा। बस पहले तो मेरी मृत्यु ही सुधर जाए कि मरने से पहले मेरे मुख से एक बार उस गोविन्द का नाम निकल जाये। बस एक बार मेरा मन उस हरी के चरणों में लग जाये। एक बार मेरा चित्त उस गोविन्द की कथा में लग जाये। तो ऐसा करने से ही मेरी मृत्यु सुधर जाएगी। और ये सब हमारा काम करती है श्रीमद भागवत कथा ही। उस भागवत कथा के सुनने मात्र से ही हमारी मृत्यु हर तरह से सुधर जाती है। और आने वाला जीवन काफी हद तक सुधर जाता है। श्रीमद भागवत हमारा कल्याण कर देती है। श्री सुखदेव महाराज जी कहते है कि राजन जिसकी मृत्यु निश्चित है उसको श्रीमद भागवत कथा को सुनना चाहिए। जो भी व्यक्ति केवल सात दिन ही श्रीमद भागवत कथा को सुनता है तो उस को जीवन में मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। इस मोक्ष को पाने के लिए बड़े से बड़े ऋषि मुनि भी कड़ी तपस्या में लगे रहते है। लेकिन फिर भी उनको मोक्ष मिले यह कन्फर्म नहीं होता है। राधे राधे बोलना पड़ेगा !!

अब आपको रोज नित्य सुबह प्रियकांत जू भगवान का संदेश मिलेगा आपके फोन पर।

आपकी हर सुबह सूहानी हो। आपका हर दिन शुभ हो।। अब आपको रोज नित्य सुबह प्रियकांत जू भगवान का संदेश मिलेगा आपके फोन पर। जिसे स्वयं पूज्य महाराज श्री भेजेंगे आपको पूज्य श्री महाराज का सन्देश प्राप्त करने के लिए आप ये नंबर सेव कर लिजिए और आपको सन्देश प्राप्त हो उसके लिए आप अपना नंबर, नाम, शहर का पता, ईमेल आईडी सहित भेज दीजिये।

श्री प्रियाकांतजू भगवान जी की संध्या आरती के लाइव दर्शन करें

जिनके दर्शन मात्र से हो जाता है सभी दुखों का नाश, मिट जाते है सभी कष्ट, ऐसे हैं भगवान श्री प्रियाकांतजू। अपने नेत्रों से हृदय में उतारें कष्ट हरने वाले श्री प्रियाकांतजू भगवान जी की संध्या आरती के लाइव दर्शन करें, आप सभी भक्त प्रियाकांतजू भगवान के दर्शन फेसबुक के पेज पर देख सकते है। यह आप आज से यानि 9.4.2016 से शाम को 7:30 बजे देख सकते है।

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