Upcoming Events:

  • 16

    DAYS

  • 3

    HOUR

  • 25

    MINUTES

  • 11

    SECONDS

SHRIMAD BHAGWAT KATHA - BHADOHI- UP

Program Shedule

"भगवान की भक्ति कहीं भी की जा सकती है उसके लिए इधर-उधर भटकने की ज़रूरत नहीं है।"

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री कृष्ण की जन्मभूमि से परम पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने अपने मुखारविंद से चतुर्थ दिवस की श्रीमद्भागवत कथा का रसपान भक्तों को कराया। महाराज श्री ने कहा कि इस बार हम जन्माष्टमी महा महोत्सव 15 अगस्त को मना रहे है। इतना ही नहीं देश को आजाद हुए भी 70 साल पुरे हो जाएंगे। तो यह मात्र जन्माष्टमी महोत्सव नहीं है बल्कि देश की आजादी का भी पर्व है। इस बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्री कृष्ण भगवान हमे कोई न कोई तो सन्देश देना चाहते होंगे तभी तो स्वतंत्रता दिवस पर जन्माष्टमी का पर्व आया है। महाराज श्री ने कहा कि हमें सदा ही अपने माता पिता का हर जगह पर सम्मान करना चाहिए। तभी हमारा हर प्रकार से कल्याण हो सकता है। जो व्यक्ति अपने माता पिता का सम्मान नहीं करते है। इस व्यक्ति का कभी भी भला नहीं हो सकता है। अतः हर व्यक्ति को अपने माता पिता और गुरओं का हर जगह पर सम्मान करना चाहिए। तभी हम सब का भला हो सकता है। भगवान भी उन्ही लोगों का साथ देते है जो अपने माता पिता और गुरुओं का सम्मान करते है। महाराज श्री ने कहा कि हम सब से इस भारत देश में जन्म लिया है। जिस देश में अनेक चमत्कार हुए है। यही पर सभी देवी देवताओं ने जन्म लिया है। यही पर उनके सभी चमत्कारों का उल्लेख हम सब को मिलता है और किसी देश में इस तरह के चमत्कार हमें नहीं मिलते है। भारत में ही इस तरह का वाकया हमें मिलता है। भारत की संस्कृति भी काफी विशाल है। यहाँ पर अनेक धर्मों को मानने वाले लोग रहते है। इस सब के बावजूद यहाँ पर सभी लोग मिलजुल कर रहते है। महाराज श्री ने बताया कि हमें अपने इष्ट देव की पूजा में सदा के लिए अपने जीवन को लगा देना चाहिए। तभी हम सब का अच्छी तरह से भला हो सकता है। हमें भगवान से अच्छी-अच्छी बातें सीखनी चाहिए। हमें अपने ठाकुर जी की भक्ति में लग जाना चाहिए। ताकि हमारे जीवन के सभी कष्टों को हमारे ठाकुर जी हर ले। भगवान भी उन्ही लोगों का साथ देते है जो सत्य और भलाई के रस्ते पर चलते है। इसलिए हमें सदा ही सत्य और भलाई का रास्ता अपनाना चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि हम सब ने इस भारत जैसे विशाल देश में जन्म लिया है जहाँ पर कृष्ण और राम जैसे देवताओं ने जन्म लिया है। हमें सदा ही अपने भगवान के चरणों की सेवा में लग जाना चाहिए। अपने जीवन को उनकी ही भक्ति में लगा देना चाहिए। चाहे वो कोई भी देवता हो। उसी की भक्ति में पूरी तरह डूब जाना चाहिए। तभी हम सब का भला हो सकता है। हमें अपनी भक्ति से उस अपने इष्ट देव को सदा ही प्रसन्न करते रहना चाहिए ताकि वो हमारे जीवन में आने वाले सभी कष्टों को आसानी से हर ले। महाराज श्री ने एक सूंदर भजन "मेरे गिनियों ना अपराध लाड़ली श्री राधे" सुनाकर वहां पर मौजूद सभी भक्तों को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस गीत के माध्यम से महाराज श्री ने अपने भक्तों को कई सन्देश दिए ताकि वह आने वाले जीवन की आने वाली कठिनाइयों को आसानी से पार कर सके। इस भजन से महाराज श्री ने भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम का भी वर्णन किया है। महाराज श्री ने बताया कि इस भजन के माध्यम से एक भक्त अपने इष्ट देव से प्रार्थना करता है की वह कितने भी अपराध कर ले लेकिन उनके इष्टदेव उसके द्वारा किये गए अपराधों को ना गिने। उसे पूजा और पाठ करना नहीं आता है। फिर भी आपकी भक्ति में लगा हुआ है। उसको पूजा और पाठ करना तो आप ही उसे बताओगे। अगर आप मेरे अवगुण देखोगे तो आप मेरा भला नहीं कर सकते है। इसलिए आप को मुझे हर तरह से सच्चाई के मार्ग पर चलाना ही होगा। तभी आप मेरा हर प्रकार से उद्धार कर सकते है। महाराज श्री ने कहा कि जिस व्यक्ति ने कभी पूजा नहीं की हो ,जिसने कभी सत्संग नहीं किया हो ,जिसने कभी भक्ति नहीं की हो उस व्यक्ति का जीवन बेकार है। उस व्यक्ति का कभी भी भला नहीं हो सकता है। महाराज श्री ने बताया की जिस तरह से हिरण कस्तूरी के चक्कर में जगह जगह भटकता रहता है लेकिन वह कस्तूरी उसी की नाभि में ही होती है। उसी तरह ही हमें अपने भगवान की भक्ति के लिए जगह जगह नहीं भटकना चाहिए। अपनी जगह पर ही उस की भक्ति में ही लगे रहना चाहिए। संसार की सत्यता को समझ कर अपने जीवन को उस ठाकुर की भक्ति में साद के लिए लगा देना चाहिए। यहाँ पर महाराज श्री ने कहा कि हम सब को जगह जगह भटकना छोड़ देना चाहिए। अपने आप को गोविन्द की भक्ति में लगा देना चाहिए। ये हमारे गोविन्द ही हमें इस उलझन से निकल सकते है। हमें इस विपदा से सदा के लिए अलग कर देते है। महाराज श्री ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी का पर्व भी 15 अगस्त के दिन ही पद रहा है। यहाँ पर महाराज श्री ने कहा की यह तुम पर ही निर्भर करता है है तुम गुलाम बनना चाहते हो या राजा बन कर जीना चाहते हो। तभी तो इस बार जन्माष्टमी का त्यौहार आज़ादी के दिवस के दिन पड़ रहा है। इसीलिए हमें पूर्ण रूप से आज़ाद रूप में जीना चाहिए। महाराज श्री ने बताया कि हमें अपने ठाकुर जी के प्रति अपनी भक्ति को सुदृढ़ करना चाहिए। ताकि हम सब अपनी भक्ति में कमजोर ना हो सके। हमें कभी भी गलत कामों को नहीं करना चाहिए। हमसब को हमेशा अच्छे काम करते रहना चाहिए। हमें अपने सम्बन्ध अपने ठाकुर से मजबूत करने चाहिए। कोई भी कठिनाई चाहे हम सब के सामने क्यों ना हो। आज का भक्त तो यह चाहता है की गुरु जी अपने भक्त का हाथ जोड़ कर स्वागत करता रहे। लेकिन ये सब गलत है। भक्ति करते वक़्त तो हम सब को अनेक परीक्षा देनी पड़ती है। लेकिन हम सब को उन परीक्षाओं से नहीं घबराना चाहिए। हमें तो अपने भगवान की भक्ति में सदा के लिए लग जाना चाहिए। कभी भी अपनी परीक्षा से नहीं घबराना चाहिए। जिस प्रकार राजा बलि के पास भगवान वामन गए थे तो उन्होंने राजा बलि से तीन पग धरती मांगी थी। तो राजा बलि ने उनसे कहा था की तीन पग से ज्यादा धरती भी आप मांग सकते हो। लेकिन भगवान वामन ने कहा नहीं राजन मुझे तो केवल तीन पग ही धरती चाहिए। यहाँ पर महाराज श्री ने कहा की जिस व्यक्ति के पास धन हो तो उसको समय समय पर भंडारा करते रहना चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि हमें समय समय पर उन अनाथ लोगों की मदद करते रहना चाहिए जिनको दो वक़्त का खाना भी नसीब नहीं होता है ताकि उनका जीवन आराम से कट सके। हम सब को भूमि दान जरूर करना चाहिए। ताकि आगे आने वाले समय में हमारे लिए इस सब का लाभ मिल सके। ।।राधे राधर बोलना पड़ेगा ।।

अब आपको रोज नित्य सुबह प्रियकांत जू भगवान का संदेश मिलेगा आपके फोन पर।

आपकी हर सुबह सूहानी हो। आपका हर दिन शुभ हो।। अब आपको रोज नित्य सुबह प्रियकांत जू भगवान का संदेश मिलेगा आपके फोन पर। जिसे स्वयं पूज्य महाराज श्री भेजेंगे आपको पूज्य श्री महाराज का सन्देश प्राप्त करने के लिए आप ये नंबर सेव कर लिजिए और आपको सन्देश प्राप्त हो उसके लिए आप अपना नंबर, नाम, शहर का पता, ईमेल आईडी सहित भेज दीजिये।

श्री प्रियाकांतजू भगवान जी की संध्या आरती के लाइव दर्शन करें

जिनके दर्शन मात्र से हो जाता है सभी दुखों का नाश, मिट जाते है सभी कष्ट, ऐसे हैं भगवान श्री प्रियाकांतजू। अपने नेत्रों से हृदय में उतारें कष्ट हरने वाले श्री प्रियाकांतजू भगवान जी की संध्या आरती के लाइव दर्शन करें, आप सभी भक्त प्रियाकांतजू भगवान के दर्शन फेसबुक के पेज पर देख सकते है। यह आप आज से यानि 9.4.2016 से शाम को 7:30 बजे देख सकते है।

view more
Priyakant Ju Mandir - Shanti Sewa Dham (Vrindavan)
  • Address:

    Chhatikara Vrindavan Road, Near Vaishno Devi Mandir, Shri dham Vrindavan, U.P.-281121

  • Phone : +91 9212 210 143
  • Email:info@vssct.com
Vishwa Shanti Sewa Charitable Trust (Delhi)
  • Address:

    C-5/90 Sector- 6, Rohini, New Delhi - 110085

  • Phone : (011) 47564008
  • Email: info@vssct.com

Subscribe Our Newsletter