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Shrimad Bhagwat Katha - Bengaluru

Program Shedule

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 5 जनवरी 2018 को कोलकाता में द्वितीय दिवस की कथा में भक्तो को भागवत कथा का महत्व बताया।

"कथाएं सुनने से चित्त पिघल जाता है और पिघला चित ही भगवान को बसा सकता है।"

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में 4 से 10 जनवरी तक, सी. डी. पार्क, साल्ट लेक, कोलकाता आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दिव्तिय दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।

कथा प्रारम्भ करते हुए पूज्य महाराज श्री ने कहा की श्रीमद भागवत कथा कलयुग में मोक्ष का एक सर्वश्रेठ मार्ग है। जन्मो - जन्मो के अच्छे कर्मो के फल स्वरुप हमे भागवत कथा श्रवण करने का लाभ मिलता है और जो कथा करवाता है उसके पुण्य कर्मो का तो कहना ही क्या। श्रीमद भागवत कथा सुनने के लिए भी हमें कर्म अच्छे करने होंगे तभी ये कथा सुनने का भी लाभ भी हमें मिलेगा। क्योकि आज का मानव आपने कार्य को अधिक महत्व देता है और भगवान को भूल जाता है।

"सुख में सुमरिन सब करे दुःख में करे न कोई, और जो सुख में सुमिरन करे तो दुःख काहे को होये।" आज कलयुगी मानव बस मतलब के लिए ही भगवान को याद करते है। बच्चो में संस्कार खत्म हो गए है क्योंकि हमारे घरो से रामायण, गीता महापुरुषों की वाणी खत्म ही होगई है। कलयुग में लोग अशुभ को समझ नहीं पाएंगे। ये ही सोच कर प्रभु दुखी हो रहे है तो सर्वेस्वरी राधा रानी से बोलते है की कलयुग में कोई तो जाये जो इनको मुक्ति का मार्ग बताये तो राधा जी ने बोला की ये शुक जो है ये जायेगा और कलयुग में आपकी अमर कथा का गुणगान कर जगत का कल्याण करेगा। भागवत वही अमर कथा है जो भगवान शिव ने माता पार्वती को सुनाई थी।

कथा सुनना भी सबके भाग्य में नहीं होता जब भगवान् भोलेनाथ से माता पार्वती ने उनसे अमर कथा सुनाने की प्रार्थना की तो बाबा भोलेनाथ ने कहा की जाओ पहले यह देखकर आओ की कैलाश पर तुम्हारे या मेरे अलावा और कोई तो नहीं है क्योकि यह कथा सबको नसीब में नहीं है। माता ने पूरा कैलाश देख आई पर शुक के अपरिपक्व अंडो पर उनकी नज़र नहीं पड़ी। भगवान शंकर जी ने पार्वती जी को जो अमर कथा सुनाई वह भागवत कथा ही थी। लेकिन मध्य में पार्वती जी को निद्रा आ गई। और वो कथा शुक ने पूरी सुनली। यह भी पूर्व जन्मों के पाप का प्रभाव होता है कि कथा बीच में छूट जाती है। भगवान की कथा मन से नहीं सुनने के कारण ही जीवन में पूरी तरह से धार्मिकता नहीं आ पाती है। जीवन में श्याम नहीं तो आराम नहीं। भगवान को अपना परिवार मानकर उनकी लीलाओं में रमना चाहिए। गोविंद के गीत गाए बिना शांति नहीं मिलेगी। धर्म, संत, मां-बाप और गुरु की सेवा करो। जितना भजन करोगे उतनी ही शांति मिलेगी। संतों का सानिध्य हृदय में भगवान को बसा देता है। क्योंकि कथाएं सुनने से चित्त पिघल जाता है और पिघला चित ही भगवान को बसा सकता है।

श्री शुक जी की कथा सुनाते पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने बताया कि श्री शुक जी द्वारा चुपके से अमर कथा सुन लेने के कारण जब शंकर जी ने उन्हें मारने के लिए दौड़ाया तो वह एक ब्राह्मणी के गर्भ में छुप गए। कई वर्षों बाद व्यास जी के निवेदन पर भगवान शंकर जी इस पुत्र के ज्ञानवान होने का वरदान दे कर चले गए। व्यास जी ने जब श्री शुक को बाहर आने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि जब तक मुझे माया से सदा मुक्त होने का आश्वासन नहीं मिलेगा। मैं नहीं आऊंगा। तब भगवान नारायण को स्वयं आकर ये कहना पड़ा की श्री शुक आप आओ आपको मेरी माया कभी नहीं लगेगी ,उन्हें आश्वासन मिला तभी वह बाहर आए।

यानि की माया का बंधन उनको नहीं चाहिए था। पर आज का मानव तो केवल माया का बंधन ही चारो ओर बांधता फिरता है। और बार बार इस माया के चक्कर में इस धरती पर अलग अलग योनियों में जन्म लेता है। तो जब आपके पास भागवत कथा जैसा सरल माध्यम दिया है जो आपको इस जनम मरण के चक्कर से मुक्त कर देगा और नारायण के धाम में सदा के लिए आपको स्थान मिलेगा

।। राधे राधे बोलना पड़ेगा ।।

अब आपको रोज नित्य सुबह प्रियकांत जू भगवान का संदेश मिलेगा आपके फोन पर।

आपकी हर सुबह सूहानी हो। आपका हर दिन शुभ हो।। अब आपको रोज नित्य सुबह प्रियकांत जू भगवान का संदेश मिलेगा आपके फोन पर। जिसे स्वयं पूज्य महाराज श्री भेजेंगे आपको पूज्य श्री महाराज का सन्देश प्राप्त करने के लिए आप ये नंबर सेव कर लिजिए और आपको सन्देश प्राप्त हो उसके लिए आप अपना नंबर, नाम, शहर का पता, ईमेल आईडी सहित भेज दीजिये।

श्री प्रियाकांतजू भगवान जी की संध्या आरती के लाइव दर्शन करें

जिनके दर्शन मात्र से हो जाता है सभी दुखों का नाश, मिट जाते है सभी कष्ट, ऐसे हैं भगवान श्री प्रियाकांतजू। अपने नेत्रों से हृदय में उतारें कष्ट हरने वाले श्री प्रियाकांतजू भगवान जी की संध्या आरती के लाइव दर्शन करें, आप सभी भक्त प्रियाकांतजू भगवान के दर्शन फेसबुक के पेज पर देख सकते है। यह आप आज से यानि 9.4.2016 से शाम को 7:30 बजे देख सकते है।

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