Blog

How to Worship Lord Shiva । स्त्री रूप में होती है शिवलिंग की पूजा जानें

17/01/2018 | 11:18 AM
Category : संस्कृति और विज्ञान

383 View | 0 Comments

How to Worship Lord Shiva : भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां हर जगह मंदिर और दर्शन स्थल मिल जाते हैं। यहां पर कुछ मंदिर तो बेहद प्राचीन होते हैं तो कुछ नवीनतम होते हैं। भारत की धरा भगवान की भूमि रही है, यहां भगवान का पूजन किया जाता रहा है और इसलिए यहां मंदिरों की भरमार है। इनमे से कई मंदिर तो बहुत प्रसिद्ध है जिनके बारे में सब लोग जानते है जबकि कई मंदिर अभी भी अधिकाँश लोगो की पहुँच से दूर है।

ऐसे बहुत से मंदिर  झारखंड और छत्तीसगढ़ के दुर्गम इलाको में स्तिथ है तथा साथ ही यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित भी है। इसलिए यहाँ केवल स्थनीय लोग ही पहुँच पाते है। ऐसा ही एक अनजान मंदिर है लिंगाई माता मंदिर जो की आलोर गाँव की गुफा में स्तिथ है। वास्तव में इस मंदिर में एक शिवलिंग है मान्यता है की यहाँ माता लिंग रूप में विराजित है। शिव व शक्ति के समन्वित स्वरूप को लिंगाई माता के नाम से जाना जाता है।[ads1]

फरसगांव से लगभग 8 किमी दूर पश्चिम से बड़ेडोंगर मार्ग पर ग्राम आलोर स्थित है। ग्राम से लगभग 2 किमी दूर उत्तर पश्चिम में एक पहाड़ी है जिसे लिंगई गट्टा लिंगई माता के नाम से जाना जाता है। इस छोटी से पहाड़ी के ऊपर विस्तृत फैला हुआ चट्टान के उपर एक विशाल पत्थर है। बाहर से अन्य पत्थर की तरह सामान्य दिखने वाला यह पत्थर स्तूप-नुमा है इस पत्थर की संरचना को भीतर से देखने पर ऐसा लगता है कि मानो कोई विशाल पत्थर को कटोरानुमा तराश कर चट्टान के ऊपर उलट दिया गया है।

इस मंदिर के दक्षिण दिशा में एक सुरंग है जो इस गुफा का प्रवेश द्वार है। द्वार इनता छोटा है कि बैठकर या लेटकर ही यहां प्रवेश किया जा सकता है। गुफा के अंदर 25 से 30 आदमी बैठ सकते हैं। गुफा के अंदर चट्टान के बीचों-बीच निकला शिवलिंग है जिसकी ऊंचाई लगभग दो फुट होगी, श्रद्धालुओं का मानना है कि इसकी ऊंचाई पहले बहुत कम थी समय के साथ यह बढ़ गई।

परम्परा और लोकमान्यता के कारण इस प्राकृतिक मंदिर में प्रति दिन पूजा अर्चना नहीं होती है। वर्ष में एक दिन मंदिर का द्वार खुलता है और इसी दिन यहां मेला भरता है। संतान प्राप्ति की मन्नत लिये यहां हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। प्रतिवर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष नवमीं तिथि के पश्चात आने वाले बुधवार को इस प्राकृतिक देवालय को खोल दिया जाता है, तथा दिनभर श्रद्धालुओं द्वारा पूजा अर्चना एवं दर्शन की जाती है। इस साल यह मंदिर 10 सितम्बर को खुल रहा है।

इस मंदिर से जुडी दो विशेष मान्यताएं है। पहली मान्यता संतान प्राप्ति को लेकर है। इस मंदिर में आने वाले अधिकांश श्रद्धालु संतान प्राप्ति की मन्नत मांगने आते है। यहां मनौती मांगने का तरीका भी निराला है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपति को खीरा चढ़ाना आवश्यक है प्रसाद के रूप में चढ़े खीरे को पुजारी, पूजा पश्चात दंपति को वापस करता है।

दम्पति को शिवलिंग के सामने ही इस ककड़ी को अपने नाखून से चीरा लगाकर दो टुकड़ों में तोडना होता है और फिर सामने ही इस प्रसाद को दोनों को ग्रहण करना होता है। मन्नत पूरी होने पर अगले साल श्रद्धा अनुसार चढ़ावा चढ़ाना होता है। माता को पशुबलि और शराब चढ़ाना वर्जित है।

दूसरी मान्यता भविष्य के अनुमान को लेकर है। एक दिन की पूजा के बाद जान मंदिर बंद कर दिया जाता है तो मंदिर के बाहर सतह पर बिछा दी जाती है। इसके अगले साल इस रेत पर जो चन्ह मिलते हैं, उससे पुजारी अगले साल के भविष्य का अनुमान लगाते हैं। यदि कमल का निशान हो तो धन संपदा में बढ़ोत्तरी, हाथी के पांव के निशान हो तो उन्नति, घोड़ों के खुर के निशान हों तो युद्घ, बाघ के पैर के निशान हो तो आतंक, बिल्ली के पैर के निशान हो तो भय तथा मुर्गियों के पैर के निशान होने पर अकाल होने का संकेत माना जाता है।

यह अद्भुत मंदिर भगवान शिव औऱ शक्ति के समन्वित स्वरूप को दर्शाता है इसलिए स्थानीय लोग इस मंदिर को लिंगाई माता के नाम से बुलाते हैं। यह भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां पर माता लिंग रूप में विराजित है। भारत का यह अनोखा मंदिर अभी भी नक्सली प्रभावित इलाके मे हैं इसलिए यहां जाना बहुत दुर्गम और कठिन है।

- By Admin

Leave a Comment:

Recent Blog

What is atheism : नास्‍ति‍क कि‍से कहते हैं?

नास्ति = न + अस्ति = नहीं है, अर्थात ईश्वर नहीं ह....

What is Meditation in Hindi : ध्यान किसे कहते हैं?

ध्यानं निर्विषयं मन:।’ अर्थात् मन सं....

स्त्रियां कभी नारियल क्यों नहीं फोड़ती हैं जानें

नारियल को हिन्दू धर्म में एक शुभ फल माना जाता है, अक्सर लो....

How to Worship Lord Shiva । स्त्री रूप में होती है शिवलिंग की पूजा जानें

How to Worship Lord Shiva : भारत एकमात्र ऐसा देश है जहा....

Mostly Viewed

कलावा बांधने के वैज्ञानिक रहस्य के बारें में जानें

हिन्दू धर्म में हर धार्मिक कार्यक्रम में कलावा बांधने का विधान होत....

क्यों देते हैं उगते सूर्य को जल जानें।

हिंदू संस्कृति में रोज सुबह सूर्य को जल देने की परंपरा है, लेकिन क्य....

क्या है माथे पर तिलक लगाने की निशानी जानिए

नकारात्मक ऊर्जा को भगाता है। जब ललाट पर तिलक शुशोभित होता है तो हमा....

शिवलिंग पर दूध क्यों चढ़ाया जाता है?

भगवान शिव के शिवलिंग पर दूध चढ़ाने की महिमा का विशेष महत....